कोरोना का एक साल -----------

 



कोरोना का  एक साल -----------

    

 कोरोना जी है कोरोना को 30 जनवरी 2020 को 1 वर्ष बित गया। इस २०२० ने हमें सीखाया की कैसा एक बीमारी पूरे देश को कैसे  हिला कर रखा सकती है। हमारा देश ही नहीं इस महामारी  ने पूरे विश्व को कई सारी  परेशानियो में डाल दिया था।



 जैसे :- आर्थिक समस्या , बेरोजगारी  की समस्या , दिमागी रोग की परेशानी अदि  परन्तु इस कोरोना ने हमें बहुत कुछ सिखाया भी है जैसे :- आत्मनिर्भरता , मुसीबतो का डट कर सामना अदि अनेक सी बातें है। इस महामारी का प्रांरभ चीन के बुहान शहर से हुआ था। भारत की बात करे तो 30 जनवरी 2020 को भारत में पहला कोरोना पॉजिटिव मिला था अब वर्तमान स्तिथि में भारत में ही अब कोरोना के मरीज एक करोड़ पार हो गए है इसके पश्चात भी  जाँच , उपचार , व टिके  की खोज में भारत किसी से पीछा नहीं रहा है ।




   दुनिया में लॉकडाउन पूरे देशो ने लगाया था परन्तु भारत में सही समय पर लॉकडाउन लगने के  कारण देश में सिर्फ 0.8% आबादी को ही संक्रमण फैला था।



पूरे देश के  राज्यो में 2.3% आबादी ही कोरोना की चपेट  आई थी अगर प्रमुख राज्यो की बात करे तो उनका संक्रमण की दर जैसे :- दिल्ली में 3.4% , गोवा में 3.5% , केरल में 2.6 % , महाराष्ट्र में 1.7 % , लद्दाख में 35 % , अदि राज्यो में भी कोरोना से लोग संक्रमित हुए थे परन्तु इन राज्यो में कोरोना की भूमिका मुख्य रही । 




 कोरोना ने जाते जाते कुछ यादे  छोड़ दी  है। वह इस प्रकार है ।:-  

1. आत्मनिर्भर बना भारत :- 

1 . भारत का भूतकाल देखे  तो भारत किसी भी समस्या से लड़ने   में पीछे  नहीं रहा है  कोरोना में भी भारत ने आत्मनिर्भर बनकर बिना किसी देश की सहायता से कोरोना से  जंग लड़ी भारत ने P.P.E किट , वेंटीलेटर , और जांच कीटस के उत्पादन में अहम् भूमिका निभाई।



2. भारत ने 2300 से भी अधिक टेस्टिंग लैब रोज 5 लाख P. P.E किट का उत्पादन किया।


3. भारत ने हर महीना 8  हजार से ज्यादा वेंटीलेटर का उत्पादन किया।

अदि बहुत  सी बातें  है हमें आत्मनिर्भर के लिये  प्रोत्साहित करने का लिये मशहूर सिंगर श्री सुखविदर सिंह और कैलाश खेर जी ने लॉकडाउन के दौरान आत्मनिर्भरता के  विषय पर संगीत भी बनाया था।



2. स्वदेशी कोरोना टिका :- 

भारत के चिकत्सकों ने अन्य किसी और देश की सहायता का बिना कोविड - 19 को आइसोलेट किया दुनिया में सर्व प्रथम पहला कोविड - 19 टीका भारत ने ही विकसित किया । 




3. टीकाकरण  में भी मिसाल :- 

 भारत ने पूरे देश में टीकाकरण  में भी मिसाल कायम   की अमेरिका , इटली , रूस , फ्रांस , ब्राजील , जर्मनी , सहीत  दुनिया में  भारत की संक्रमण में रिकवरी  प्रथम स्थान पर रही  है भारत में वर्तमान कोरोना रिकवरी दर 97% पहुच गई  है।



4. अन्य देशो की भारत ने निस्वार्थ सहायता की :- 

चाहे कोई भी परिस्तिथि हो हमें दूसरी की सहायता करनी चहिये इसी पक्ति को सत्य  करते हुए भारत ने इस माहमारी के दोर में अपने पडोसी को निस्वार्थ भावना से अपने पडोसी देशो में वैकसीन को भेजा स्वस्थ  मंत्री के  अनुसार पडोसी देश श्रीलंका , बांग्लादेश , नेपाल , मालदीव , मरिसिस , सेशषस , ब्राजील को निस्वार्थ भावना से कोरोना टीका उपलब्ध कराया , भारत ने सबसे तेज़ 10 लाख लोगो को टीका लगाने में भी रोकार्ड बनाया है।  



भारत ने इस लक्ष्य की महज़ 6 दिन में पूरा किया जबकि अमेरिका दूसरे  स्थान पर रहा । 


5. 2021 में स्वस्थ्य और कोरोना के लिया अधिक बजट :- 

कोरोना से संक्रमित अर्थव्यवस्था के उपचार के लिये वित् मंत्री ने इकानोवंसिन  में स्वांस्थीय क्षेत्र एम्योनिटी बूस्टर की खुराख दी है। सरकार ने बजट में 137% बढ़ाते हुए 2,23,846  करोड़ रुपये का प्रवधान किया है इसमें 35 हज़ार करोड़ रुपये कोरोना टीकाकरण के लिये खर्च  होंगे सरकार  ने 30 करोड़ लोगो को मुफ्त टीका लगाने  का लक्ष्य रखा है



 देश में बहुचर्चित माहमारी विशेषज्ञय ने कहाँ अगर सरकार के स्वस्थ्य बजट की समीक्षा की जाये तो केवल 10 फीसदी ही बढ़ोतरी देखने  को मिलती   है दरअसल 16 जनवरी को देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान शुरू हुआ था ।सरकार ने सर्वप्रथम 1 करोड़ स्वस्थ्य कर्मचारी और दो करोड़ फ्रटलाइन वर्करों को सबसे पहले वैक्सीन देना का लक्ष्य निर्धारित किया है निशुल्क टीका लगाया जाएगा । 


6. दुनिया में  20 लाख लोगो ने अपनी जान गवाई :-

 इस भयंकर महामारी  करीब पुरे विश्व में 20 लाख से ज्यादा लोगो ने अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था इस समय भारत में कॉल कोरोना केस 1,08,02,591 हो गए है। 




और कोरोना से होना वाली कुल मौते 1,54,823  हो गई है तथा टीकाकरण की बात करे तो 49,59,445 लोगो को कोरोना टीका लग चुका है।


7 . कोरोना में  अफवाहों का दोर खूब चला :- 

कोरोना काल  के दौरान देश - दुनिया में अफवाहों का दोर खूब चला था जैसे :- चमगादड़ से कोरोना फैला, चिकन से कोरोना का संक्रमित , आदि बोहोत सी अफवाहे थी । और सबसे बड़ी बात भ्रम का माहौल ज्यादा था जैसा :- नोट छूने से  कोरोना , अख़बार पड़ने से कोरोना आदि अफवाहे खूब सुर्खियो में रही थी । 



भारत के द्वारा निर्मित वैक्सीन का उत्पादन पुणे के सिरम इंस्टिट्यूट के द्वारा किया गया जिसे भारत की ड्रग कंट्रोल अथॉरिटी से हरी झडी मिली के बाद इसको पहले पूरा देश में  रिहर्सल किया गया फिर पूरे देश में टीकाकरण का अभियान शुरू हुआ पहले चरण में कोरोना योद्धाओ यानि डॉक्टरों , चतुर्थ श्रेणी कर्मचारीयों। दूसरे  चरण में पुलिस , सेना आदि को फिर बुजुर्गों उसका बाद देश की जनता को चरणबद्ध तरीके  से टीका लगाया जाएगा बच्चे को यह टीका अभी नहीं लगाया जाएगा। 



गनीमत  है की देश में  कोरोना संक्रमितों की दर सम्पूण़ रूप से घटकर 5.42  फीसदी रह है परन्तु आठ राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशो में औसत दर से ज्यादा संक्रमित है केंद्रिय स्वस्थ्य मंत्रालय ने बताया की पिछले हफ्ते की संप्तहिक संक्रमित दर 1.82 फीसदी रही केरल में 69,365 और महाराष्ट्र में 38,762  सक्रीय मरीज है जो देश के कुल 70  फीसदी है हालांकि में आए बजट 2021 में कोरोना संक्रमित अर्थव्यवस्था के उपचार के लिए वर्तमान सरकार की वित् मंत्री ने 2.24  लाख करोड़  रुपये का स्वस्थ्य सेवाओं के लिये दिये है जो की पिछले साल के 94 हज़ार करोड़ से कई अधिक है 



बात उस जगह की करे जहा से इस महामारी ने जन्म लिया था चीन के वुहान शहर में लाकडाउन के बाद एक वर्ष बाद वह पर स्तिथि अब सामान्य  हो गई है वहां पर लोग बार रेस्टोरा में खाना खा रहा है या अलग बात है की भारत समेत पूरा विश्व इस जानलेवा बीमारी से निजात पाने में  जुटा पड़ा है।



एक वर्ष पहले चीन के वुहान शहर में पूरी दुनिया को हतप्रद कर दिया था। हुबोई प्रांत  की राजधानी में  रहने वाले एक करोड़ से ज्यादा लोगो को उनके घरो में बंद कर दिया था और 76 दिन का लाकडाउन लगा दिया था।

अंत में हम यही कहेगे की इस कोरोना की जग में हमे बहुत  कुछ सीखाया है जैसा आत्मनिर्भर बनाना तथा मुसीबतो का सामना करना आदि इस कोरोना ने हमें सीखाया। 




      ये  लेख आपको कैसा लगा कृपया कमैंट् में जरूर बताए और इस लेख मे कोई गलती हो तो क्षमा करें ।

   

                                                                  धन्यवाद्। 







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