76th Independence Day 2022
स्वतंत्रा दिवस 2022
हमारे भारत देश मे 15 अगस्त का दिन हर एक भारतवासी के लिये गौरव का दिन होता है इस दिन भारत को ब्रिटिश शासन का पूर्ण रूप से आज़ादी मिली थी तभी से हर वर्ष भारत में 15 अगस्त (15 AUGUST को स्वतंत्रता दिवस का रूप में मनाता है इस वर्ष भारत ने स्वतंत्रता राष्ट्र के रूप में 75 वर्ष पूर्ण किये है इसलिए भारत में 76 वा स्वतंत्रता दिवस 2022 मनाया जाएगा स्वतंत्रता दिवस 2022 मनाया गया स्वतंत्रता दिवस 2022। (76 INDEPENDENCE DAY) मनाया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस भारत का राष्ट्रीय पर्व है इसलिए 15 अगस्त के दिन राजपत्रित अवकाश ( GUGETED HOLIDAY) रखा जाता है इस दिन को झंडा फहराने के समारोह परेड और कांक्रिटिक अत्योजनो के साथ पूरे भारत में मनाया जाता है भारतीय इस दिन अपनी पोषक, सामान, घरो , और वाहनों पर रष्ट्रीय ध्वज प्रदर्शित कर एक उत्सव को मनाते है। और परिवार और दोस्तों के साथ देश भक्ति फिल्मे देखते है देशभक्ति के गीत सुनकर आनंद लेता है इस बार स्वतंत्रता दिवस पूरे देश में धूमधाम से मनाया जायगा।
स्वतंत्रता दिवस समाहरोह
वर्तमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2022 में स्वतंत्रता दिवस पर देश को संबोदित करते हुए पूरे देश को सम्बोधित करते हुएदेश को आज़ादी के पर्व की शुभकामनाये देते है
पूरे भारत में अनूठा समर्पड़ और अपर देश भक्ति की भावना के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है
स्वतंत्रता दिवस पर अनेको स्तरों पर मनाया जाता है
अंतराष्ट्रीय स्तर पर :- प्रवासी भारतीय विशेषकर भारतीय अप्रवासियों की उच्च सघनता के छेत्रो में परेड और प्रतियोगितये के साथ दुनिया भर में स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है न्योयोर्क और अन्य अमेरिकी शहरो में कुछ स्थानों में 15 अगस्त प्रवासी और स्थानीय आबादी के बिच में भारत दिवस बन गया है यह लोग 15 अगस्त के आसपास या सप्ताह के अंतिम दिन पर भारत दिवस के रूप में मानते है व् अनेक प्रकार की प्रतियोगिता का आयोजन करते है
रष्ट्रीय स्तर पर आयोजन :-
देश के प्रथम नागरिक और देश के रष्ट्रपति स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंधिया पर राष्ट्र के नाम सम्बोधन देता है। इसके बाद अगले दिन दिल्ली के लाल किले पर तिरंगा झंडा फहराया जाता है। और प्रधानमंत्री को 21 तोपों की सलामी दी जाती है इसका बाद प्रधानमंत्री देश को सम्बोधित करते है आयोजन के बाद स्कूली छात्रों तथा राष्ट्रीय कैडिट कोर के सदस्य राष्ट्र गान गाते है लाल किले में आयोजित देश भक्ति से ओतप्रोत इस रंगारंग कार्यक्रम को देश में सार्वजानिक चैनल दूरदर्शन के द्वारा देशभर में संजीव लाइव् प्रसारित किया जाता है। स्वतंत्रता दिवस की संधिया पर राष्ट्रीय राजधानी शहरी शासकीय भवनों राज्य स्तर पर भी सरकारी इमारतों को रंग बिरंगा विधुतीय सज़्ज़ा से सजाया जाता है। जो शाम को आकर्षण का केंद्र होता है।
राज्य / स्थानीय स्तर पर :- देश के सभी राज्यो की राजधानी में इस अवसर पर विशेष झंडावंदन कार्यक्रम आयोजित किया जाता है तथा राज्य के सुरक्षा बल राष्ट्रध्वज को सलामी देता है प्रतियेक राज्य में वहा के मुख्यामंत्री ध्वजारोहण करते है स्थानीय प्रशासन , जिला प्रशासन , नगरीय निकायों सभी पंचयतो में भी ऐसी प्रकार के कार्यकर्म आयोजित किया जाते है शासकीय भवनों को आकर्षण पुष्पों से तिरंगे की तरह सजाया जाता है छोटे पैमाने पर शैक्षिक संस्थानों में आवासीय संघो में सांस्कृतिक केन्द्रो तथा राजनैतिक सभाऔ का आयोजन किया जाता है।
सुरक्षा खतरे के अनुसार :- आजादी के तीन साल बाद , नागा नेशनल कॉउंसलिंग ने उत्तर पूर्व भारत में स्वतंत्रता दिवस के बहिष्कार का आह्वाहन किया। इस जगह में अलगावादी विरोध प्रदर्शन 1980 के दशक में तेज़ हो गए और उल्फा व् बोडोलैंड के नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड की और से आतंकवादी हमलो व् बहिस्कारो की खबरे आती रही है। 1980 के दशक से जम्मू - कश्मीर में उग्रवाद में वृद्धि के साथ अलगावादी प्रदर्शनकारो ने काले झंडे दिखाकर और ध्वज जलाकर वहा स्वतंत्रता का वहिष्कार किया था।
इसी के साथ लश्कर - ऐ - तैयबा , हिज्बुल मुजाहिदीन , और जैश - ऐ - मोहम्मद जैसे आतंकवादी संगठनों द्वारा धमकिया भी जारी की गई और स्वतंत्रता दिवस के आस - पास हमले किये गए है उत्सव का बहिस्कार की विद्रोही माओवादी संगठनो द्वारा वकालत की गई विशेष रूप से आतंकियाो की और से आतंकवादी हमलो की आशंकामें सुरक्षा उपायों को , विशेषकर दील्ली , मुंबई , गुजरात , कलकत्ता , व् जम्मू - कश्मीर , के सकटग्रस्ट रज्यो में प्रमुख शहरों में सुरक्षा कढ़ी कर दी जाती है। हवाई हमलो से बचने का लिए लाल किले के आसपास के इलाकों को यो फ्लाई जॉन ( उडान निषेद एरिया ) घोषित किया जाता है और अतिरिक्त पुलिस बलों को अन्य शहरों में भी तैनात किया जाता है। और लाल किले का आसपास भी सभी प्रकार की सड़को को ब्लाक कर दिया जाता है।
लोकप्रिय संस्कृति में आयोजन :-
स्वतंत्रता दिवस और गड्तंत्र दिवस पर हिंदी देशभक्ति के गीत और छेत्रिय भाषाओ में टेलीविजन और रेडिओ चैनलों पर प्रसारित किये जाते है इनकी झंडा फहराने के साथ भी बजाया जाता है देशभक्ति की फिल्मो का प्रसारण भी होता है टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार ऐसे खबरे आई है नै पीढ़ी के लिए तीन रंगो डिजाइन कपडे भी इस दौरान दिखाई दे जाते है बल्कि यह आज़ादी हमें बहुत ही संघर्ष के बाद मिली है इस पवन दिन को हमें बहुत ही हर्ष उल्हास से मनाना चाहिए ताकि आने वाली पीढ़ी इस आज़ादी के दिन को न भूले।
इस लेख का लेखन करने में हमें कई सावधनिया बरती है तब भी इस लेख में कोई त्रुटि हो तो कृपया हमें माफ़ कीजियेगा।
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धन्यवाद।









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